गोविंद शर्मा, बड़वाह : मध्यप्रदेश के बड़वाह क्षेत्र में स्थित नावघाट खेड़ी के एक्वाडक्ट पुल के समीप पिछले तीन दिनों में करीब 150 तोतों की मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही पक्षियों की मौत के बाद वन विभाग और पशु पालन विभाग हरकत में आ गया है। दोनों विभागों की संयुक्त टीम सुबह छह बजे से ही एक्वाडक्ट पुल पर तैनात होकर लोगों को जागरूक कर रही है।
फूड पॉइजनिंग से हुई मौत!
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग पुल की पाल पर पक्षियों के लिए चावल, बाजरा और अन्य खाद्य सामग्री डालते थे। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि खुले में डाला गया यह अनाज खराब होने या दूषित होने की वजह से फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इसी आशंका के चलते टीम लोगों को पुल पर दाना डालने से रोक रही है और वैकल्पिक सुरक्षित तरीकों के बारे में समझाइश दे रही है।
तोतों की आप्राकृतिक मौतें
वन एवं पशु पालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर डिप्टी रेंजर एच.एस. सिसोदिया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय वन विभाग की टीम और पशु पालन विभाग के डॉक्टर जितेंद्र सेते मौके पर तैनात रहे। डॉ. सेते ने बताया कि पिछले दो से तीन दिनों में तोतों की अप्राकृतिक मौतें सामने आई थीं, जिसके बाद जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पुल और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, लेकिन आज एक भी तोते की मौत नहीं पाई गई, जो राहत की बात है।
जांच के लिए भेजा सैंपल
विभाग ने तोतों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मृत पक्षियों का विसरा और पुल पर डाले गए अनाज के सैंपल जांच के लिए भोपाल और जबलपुर स्थित प्रयोगशालाओं में भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्राथमिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
संत राजगिरी बापू ने जताई चिंता
इस मामले में वेटनरी डिप्टी डायरेक्टर ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। वहीं, तोतों की मौत से पुल के समीप स्थित आश्रम के संत राजगिरी बापू भी गहरी चिंता और दुख व्यक्त करते नजर आए। उन्होंने पक्षियों की रक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। फिलहाल विभागीय टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की जनहानि और पक्षी हानि को रोका जा सके।
