नई दिल्ली: केरल में आगामी चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्च दौरे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव के मद्देनजर पीएम मोदी चर्च जाकर संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश में बढ़ती हिंसा और ‘गुंडों’ पर लगाम लगाने में सरकार विफल साबित हो रही है।
पीएम मोदी के चर्च दौरे पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री का चर्च जाना चुनावी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के दौरे से राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, लेकिन जमीनी हकीकत में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
‘गुंडों’ पर कार्रवाई क्यों नहीं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में असामाजिक तत्व खुलेआम हिंसा और डर का माहौल बना रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उन्हें रोकने में नाकाम रही है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री धार्मिक सौहार्द की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हिंसा और डर के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे।
चुनावी राजनीति तेज
केरल चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस का दावा है कि भाजपा धार्मिक प्रतीकों और आयोजनों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस ने खुद को धर्मनिरपेक्षता और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मजबूत बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
भाजपा की ओर से क्या कहा गया?
भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और उनका चर्च जाना सामाजिक सद्भाव का संदेश है, न कि चुनावी स्टंट।
कुल मिलाकर, केरल चुनाव से पहले पीएम मोदी के चर्च दौरे ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी राजनीति में और गर्मा सकता है।
