चेटीचंड 2025: भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव पर सिंधी समाज में उल्लास, भक्ति और भाईचारे का महापर्व
निखिल वखारिया। चेटीचंड: सिंधी नववर्ष की शुभ शुरुआत का पावन पर्व गरियाबंद-चैत्र शुक्ल द्वितीया से सिंधी नववर्ष का शुभारंभ होता है, जिसे चेटीचंड के नाम से जाना जाता है। चैत्र मास को सिंधी भाषा में ‘चेट’ और चांद को ‘चण्डु’ कहा जाता है। इसीलिए चेटीचंड का अर्थ है ‘चैत्र का चांद’। इस वर्ष यह पावन…
